IQAC Event
आई.एन.एफ.एल.आई.बी.नेट. एवं आई.आर.आई.एन.एस. सेवाओं पर उपयोगकर्ता जागरूकता कार्यशाला
आई.क्यू.ए.सी. (IQAC), मिल्लत कॉलेज और INFLIBNET केंद्र, गांधीनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों को डिजिटल शोध संसाधनों, IRINS प्रोफ़ाइल निर्माण और अकादमिक दृश्यता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करने पर केंद्रित थी।
About This Event
दिनांक 10 मार्च, 2026 को प्रातः 09:00 बजे से जुबिली हॉल, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में आई.एन.एफ.एल.आई.बी.नेट. (INFLIBNET) एवं आई.आर.आई.एन.एस. (IRINS) सेवाओं पर उपयोगकर्ता जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन ऑफलाइन माध्यम से किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन आई.क्यू.ए.सी. (IQAC), मिल्लत कॉलेज, दरभंगा एवं एम.के.एस. कॉलेज, चंदौना द्वारा आई.एन.एफ.एल.आई.बी.नेट. केन्द्र, गांधीनगर (गुजरात) के सहयोग से किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को INFLIBNET की राष्ट्रीय सेवाओं तथा IRINS (Indian Research Information Network System) के प्रभावी उपयोग से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक माननीय कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी (एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा) थे। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार, कुलपति, बी.यू.एच.एस., पटना एवं निदेशक, आई.जी.आई.एम.एस., पटना उपस्थित रहे। कार्यक्रम की संरक्षक डॉ. दिव्या रानी हांसदा, कुलसचिव, एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय थीं। आयोजन के अध्यक्ष एवं संयोजक डॉ. सिद्धार्थ शंकर सिंह, प्राचार्य, मिल्लत कॉलेज एवं एम.के.एस. कॉलेज, दरभंगा थे।
कार्यशाला के संसाधन व्यक्तियों में डॉ. अभिषेक कुमार, साइंटिस्ट–E तथा श्री राजन कुमार, साइंटिस्ट–C, आई.एन.एफ.एल.आई.बी.नेट. केन्द्र, गांधीनगर (गुजरात) शामिल थे। उन्होंने प्रतिभागियों को INFLIBNET की विभिन्न सेवाओं, IRINS प्लेटफ़ॉर्म, शोध प्रोफ़ाइल निर्माण, ORCID, Google Scholar, Scopus ID के एकीकरण तथा शोध प्रकाशनों के प्रभावी प्रबंधन एवं दृश्यता बढ़ाने की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही IRINS के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्यों में शोध संसाधनों के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण प्रदान करना तथा शोध की गुणवत्ता, दृश्यता और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देना शामिल था। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।
अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, संसाधन व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह कार्यशाला शोध एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।